कानपुर में किडनी ट्रांसप्लांट का संगठित अवैध नेटवर्क: गरीबों को लालच देकर चलता था 'सीक्रेट' कारोबार
कानपुर के अस्पतालों के भीतर एक संगठित और गुप्त नेटवर्क गरीबों की किडनी का अवैध कारोबार चला रहा था। आजतक की ग्राउंड रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि यह पूरा खेल बेहद व्यवस्थित तरीके से संचालित हो रहा था, जहां आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लालच देकर उनके अंगों की खरीद-फरोख्त की जा रही थी।
दो दिनों की पड़ताल में सामने आया कि यह नेटवर्क अस्पतालों की सुविधाओं और प्रणालियों का इस्तेमाल कर रहा था। रिपोर्ट बताती है कि कैसे पीड़ितों को आर्थिक मदद के वादे करके उनकी सहमति हासिल की जाती थी, जिसके बाद उनकी किडनी निकाली जाती थी। यह प्रक्रिया इतनी चुपके से चलती थी कि बाहरी तौर पर सब कुछ सामान्य दिखाई देता था।
इस खुलासे से स्वास्थ्य सेक्टर में नियमन और नैतिकता के गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला न केवल अंग तस्करी के गहरे जड़ें जमाए नेटवर्क की ओर इशारा करता है, बल्कि संबंधित अस्पतालों और स्वास्थ्य अधिकारियों पर भी सवालिया निशान लगाता है। ऐसे संगठित अपराध के पर्दाफाश के बाद अब इन संस्थानों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और सामाजिक दबाव का खतरा मंडरा रहा है।