IAS रिंकू सिंह राही: घोटाले के खुलासे के बाद बैडमिंटन कोर्ट पर गोलीबारी, एक आंख गंवाई
एक आईएएस अधिकारी ने ईमानदारी की भारी कीमत चुकाई है। उत्तर प्रदेश कैडर की 2018 बैच की अधिकारी रिंकू सिंह राही पर बैडमिंटन खेलते समय सात गोलियां चलाई गईं, जिससे उनकी एक आंख पूरी तरह खराब हो गई। यह हमला तब हुआ जब उन्होंने एक घोटाले का खुलासा किया था। रिंकू सिंह राही का आरोप है कि इस घटना के बाद उन्हें प्रशासनिक तंत्र में काम करने का मौका नहीं दिया गया और उन्हें निष्क्रिय पदों पर भेज दिया गया।
रिंकू सिंह राही ने हाल ही में तकनीकी इस्तीफा देकर पीसीएस में लौटने की इच्छा जताई है। उनका कहना है कि उन्हें राजस्व परिषद में भेज दिया गया, जहां उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं दी गई। इससे पहले भी उनका एक वीडियो विवादों में रहा था। यह घटना सरकारी तंत्र के भीतर ईमानदार अधिकारियों के सामने आने वाले गंभीर खतरों और दबावों को उजागर करती है।
यह मामला केवल एक हमले तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके बाद की प्रशासनिक उपेक्षा और अलगाव की कहानी है। एक अधिकारी द्वारा भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने के बाद उसके साथ हुए शारीरिक हमले और फिर करियर में लगे ठप्पे से सवाल उठते हैं कि सिस्टम ऐसे लोगों की रक्षा और समर्थन कैसे करता है। यह घटना भारतीय नौकरशाही के भीतर सत्यनिष्ठा और सुरक्षा के गंभीर संकट की ओर इशारा करती है।