AAP सांसद अशोक मित्तल के ठिकानों पर ED छापा, उपनेता बनने के कुछ ही दिन बाद जांच का सामना
आम आदमी पार्टी के नए राज्यसभा उपनेता, सांसद अशोक मित्तल, अपनी नई भूमिका में बैठने के कुछ ही दिनों बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई के घेरे में हैं। ED ने मित्तल से जुड़ी संपत्तियों पर छापेमारी की है, जिससे पार्टी के भीतर एक राजनीतिक उथल-पुथल के बीच ताजा कानूनी-प्रशासनिक दबाव का माहौल बन गया है।
यह कार्रवाई तब हुई है जब AAP ने हाल ही में अपने वरिष्ठ सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाकर यह जिम्मेदारी अशोक मित्तल को सौंपी थी। चड्ढा के हटाए जाने और मित्तल के पदोन्नत होने के फैसले के बाद यह ED की कार्रवाई एक अप्रत्याशित मोड़ लेकर आई है। जांच एजेंसी द्वारा मित्तल से जुड़े ठिकानों पर की गई यह छापेमारी सीधे तौर पर एक नए नेता को उसकी नियुक्ति के तुरंत बाद निशाने पर लेती है।
इस घटना से AAP की संसदीय रणनीति और आंतरिक नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। एक सदस्य को पद से हटाने और दूसरे को तरजीह देने के पीछे के कारणों पर यह ED की कार्रवाई एक नया प्रकाश डालती है। यह घटना विपक्षी दलों के नेतृत्व पर बढ़ते कानूनी दबाव के एक बड़े पैटर्न का हिस्सा दिखती है, जिससे संसद में पार्टी की एकजुटता और उसकी कार्यनीति पर असर पड़ने का जोखिम बना हुआ है।