मधु पूर्णिमा किश्वर पर फर्जी सोशल मीडिया सामग्री प्रसारित करने का केस दर्ज, पुलिस ने दर्ज की FIR
लेखिका मधु पूर्णिमा किश्वर और कुछ अन्य सोशल मीडिया यूजर्स के खिलाफ पुलिस ने जाली और गुमराह करने वाली सामग्री फैलाने के आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। यह कार्रवाई उन आरोपों के बाद हुई है जो किश्वर ने बीते मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए थे। किश्वर, जो कभी प्रधानमंत्री मोदी की कट्टर समर्थक रह चुकी हैं, ने भ्रष्टाचार और यौन मांगों से जुड़े गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया था कि उनके पास अंदरूनी जानकारी है।
पुलिस की यह FIR उन सोशल मीडिया पोस्ट्स और सामग्री को लेकर दर्ज की गई है जिन्हें किश्वर और अन्य यूजर्स ने प्रसारित किया था। आरोप है कि यह सामग्री फर्जी और भ्रामक थी, जिससे सार्वजनिक शांति भंग होने का खतरा पैदा हो गया। किश्वर के आरोपों ने राजनीतिक और सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी थी, लेकिन अब पुलिस की जांच इन दावों की सत्यता पर सवाल उठाती है।
इस मामले में आगे की जांच जारी है, और पुलिस ने संकेत दिया है कि अन्य यूजर्स की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यह मामला सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सामग्री और उसके कानूनी परिणामों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। किश्वर के खिलाफ दर्ज यह FIR राजनीतिक और डिजिटल स्पेस में बढ़ती जांच और दबाव का संकेत देती है।