कानपुर किडनी रैकेट: 8वीं पास ड्राइवर ने स्टेथोस्कोप लगाकर 60 से ज्यादा अवैध सर्जरी की
कानपुर में एक अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने स्वास्थ्य तंत्र की जांच और नियमन में गंभीर चूक को उजागर किया है। पुलिस ने अस्पताल मालिक और डॉक्टरों समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह ने अब तक 60 से अधिक अवैध सर्जरी करने का दावा किया है, जिसमें एक आठवीं पास एम्बुलेंस चालक स्टेथोस्कोप लेकर फर्जी डॉक्टर बना हुआ था।
यह नेटवर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम के जरिए डोनर और रिसीवर के बीच सौदे करता था, जिससे एक संगठित अंग तस्करी के ऑनलाइन ऑपरेशन का पता चलता है। गिरोह के सदस्य अस्पताल की सुविधाओं का इस्तेमाल करके अवैध प्रत्यारोपण करते थे, जिससे निजी स्वास्थ्य संस्थानों में संचालन और निगरानी की गंभीर कमियों पर सवाल उठते हैं।
इस मामले ने अंगदान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में नियामक ढांचे और नैतिक प्रथाओं पर तत्काल सख्ती की मांग को बल दिया है। घटना स्वास्थ्य सेवाओं में भ्रष्टाचार के जोखिम और डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग की संभावना को रेखांकित करती है, जो राष्ट्रीय स्तर पर समान निगरानी तंत्र की कमी का संकेत दे सकती है।