पाकिस्तानी हैंडलर्स का निर्देश: गाज़ियाबाद, अलीगढ़, लखनऊ में हुई थी सटीक 'रेकी'
गाज़ियाबाद, अलीगढ़ और लखनऊ जैसे शहरों में, आरोपियों ने पाकिस्तानी हैंडलर्स से प्राप्त गूगल लोकेशन के आधार पर कई स्थानों की सटीक 'रेकी' की। यह कार्रवाई सुरक्षा चक्र को तोड़ने और संदिग्ध स्थानों की निगरानी के लिए थी। आरोपी सीधे मौके पर जाकर जांच करते थे और पूरी जानकारी वीडियो के रूप में वापस भेजते थे। यह गतिविधि दर्शाती है कि ये लोग एक संगठन के आदेश पर काम कर रहे थे और सुनियोजित तरीके से खुफिया जानकारी इकट्ठा कर रहे थे।
पाकिस्तानी हैंडलर्स के साथ सीधे संपर्क में रहना, इस योजना की गंभीरता को उजागर करता है। यह मामला केवल स्थानीय स्तर की गतिविधि नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय संपर्कों वाली एक निगरानी ऑपरेशन का संकेत देता है। आरोपियों द्वारा प्रौद्योगिकी का इस तरह उपयोग – गूगल लोकेशन शेयर करना और वीडियो फुटेज भेजना – आधुनिक जासूसी तरीकों की ओर इशारा करता है।
इस तरह की 'रेकी' से सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बढ़ सकती है, क्योंकि यह दर्शाता है कि दुश्मन तत्व सीमा पार से निर्देशित होकर भारतीय शहरों में गहन निगरानी करने में सक्षम हैं। यह घटना आंतरिक सुरक्षा तंत्र पर दबाव डालती है और इस बात की जांच को प्राथमिकता बनाती है कि ऐसे संचार नेटवर्क को कैसे बेनकाब और निष्क्रिय किया जाए।