1. ब्राह्मण वर्चस्व से गैर-ब्राह्मण चेतना तक: जस्टिस पार्टी ने कैसे बदली दक्षिण भारत की राजनीति
दक्षिण भारत की राजनीतिक चेतना का एक प्रमुख स्रोत 19वीं सदी के एक ब्रिटिश पादरी की शोध में छिपा है। रॉबर्ट काल्डवेल ने द्रविड़ भाषाओं को संस्कृत से अलग सिद्ध करके एक ऐसी बौद्धिक बुनियाद रखी, जिसने तमिल संस्कृति, भाषा और जमीन को लेकर आर्य-द्रविड़ विवाद को नया आयाम दिया। इस शोध ने दक्षिण में क्षेत्रीय गौरव की भावना को तो ...